श्रीनगर, गढ़वाल । राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर गुरुवार को स्टाइपेंड बढ़ोतरी की मांग को लेकर सांकेतिक हड़ताल पर रहे। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने पर शुक्रवार से सामूहिक हड़ताल शुरू की जाएगी।
रेजिडेंट डॉक्टरों की प्रमुख मांग स्टाइपेंड का पुनरीक्षण कर इसे न्यूनतम 1.10 लाख रुपये प्रतिमाह किया जाना है।डॉक्टरों ने कहा कि उत्तराखंड में पड़ोसी राज्यों की तुलना में स्टाइपेंड कम है, जबकि यहां ओपीडी, वार्ड, इमरजेंसी, आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर और नाइट ड्यूटी सहित कार्यभार समान है।
डॉक्टरों ने बताया कि आंदोलन से पहले उन्होंने कॉलेज प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग शासन तक पहुंचाने का आग्रह किया है। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन मरीजों के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार तक अपनी समस्या पहुंचाने के लिए है।मौके पर डॉ विवेक , डॉ अमन भारद्वाज, डॉ अभिनंदन, चंचल कुमार वशिष्ठ, डॉ लोकेश यादव ,डॉ कामिनी ,डॉ यश शाह ,डॉ प्रदीप मीना आदि मौजूद रहे।

चौथे दिन भी जारी रहा एमबीबीएस इंटर्न्स का धरना, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर अड़े
श्रीनगर, संवाददाता। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में एमबीबीएस इंटर्न्स डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन चौथे दिन गुरुवार को बेस अस्पताल परिसर में जारी रहा। इंटर्न्स वर्तमान 17 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं।इंटर्न्स का कहना है कि इस संबंध में मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। साथ ही मुख्यमंत्री और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री के समक्ष भी मामला रखा गया है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस सकारात्मक पहल नहीं हुई है।इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय होने तक उनका आंदोलन अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा।








