रुद्रप्रयाग -केदारनाथ धाम यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। इन व्यवस्थाओं के तहत श्री केदारनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोकन व्यवस्था लागू की गई है, जिससे दर्शन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित, सरल और सुचारु बनाया जा सके।टोकन व्यवस्था के माध्यम से श्रद्धालुओं को निर्धारित समयानुसार बाबा केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर दिव्य दर्शन प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। इसके साथ ही मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाने हेतु प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग द्वार निर्धारित किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही नियंत्रित और सुरक्षित बनी हुई है।श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुलिस विभाग, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति एवं जिला प्रशासन द्वारा समन्वय के साथ कार्य किया जा रहा है। यात्रा मार्ग से लेकर धाम परिसर तक सुरक्षा, मार्गदर्शन, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।विदित हो कि 22 अप्रैल 2026 को विधि-विधान के साथ श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। कपाट खुलने के पहले ही दिन लगभग 38 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।पुलिस उपाधीक्षक विकास पुंडीर ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोकन व्यवस्था 21 अप्रैल से ही प्रारंभ कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि यात्रा के प्रारंभिक चरण में ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं, ऐसे में सभी श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराए जा रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर में व्यवस्था बनी हुई है।उन्होंने आगे बताया कि श्रद्धालु निर्धारित एंट्री गेट से मंदिर परिसर में प्रवेश कर रहे हैं तथा एग्जिट गेट से व्यवस्थित रूप से बाहर निकल रहे हैं, जिससे भीड़ का दबाव नियंत्रित किया जा रहा है।पुलिस उपाधीक्षक ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य एवं संयम बनाए रखें, अपनी निर्धारित कतार में रहकर टोकन के अनुसार ही दर्शन करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, जिससे सभी श्रद्धालुओं को सुगमता और सुरक्षित वातावरण में बाबा केदारनाथ के दर्शन का लाभ मिल सके।






