श्रीनगर, गढ़वाल । उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ सैन्य अधिकारी स्व भुवन चंद्र खंडूरी की स्मृति में बुधवार को श्रीनगर स्थित निजी वैडिंग पॉइंट में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि सभा में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यदि समय की महत्ता और अनुशासन को समझना हो तो स्व भुवन चंद्र खंडूरी का जीवन एक प्रेरणादायी उदाहरण है। कहा कि खंडूरी समय के अत्यंत पाबंद थे और अपने सरल, सहज एवं सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के लिए भी जाने जाते थे। डॉ. रावत ने उनके जीवन से जुड़े कई प्रसंगों को साझा करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी उन्होंने विनम्रता और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। मनीष खंडूरी ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि जब वे अपने राजनीतिक जीवन के शिखर पर थे, तब भी उन्होंने उन्हें पढ़ाई और अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने की सीख दी। कहा कि उनके पिता सदैव प्रदेश और राष्ट्र के विकास एवं भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे तथा समाज और देशहित उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य था।पूर्व दर्जा राज्य मंत्री अतर सिंह असवाल ने कहा कि एक बार वे पौड़ी बस अड्डे पर खंडूरी के स्वागत के लिए पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि एक पूर्व मेजर जनरल बड़े लाव-लश्कर के साथ आएंगे, लेकिन जब उन्होंने उन्हें सामान्य यात्रियों की तरह बस से उतरते देखा तो उनकी सादगी से अत्यंत प्रभावित हुए। कहा कि खंडूरी का जीवन सभी जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों के लिए प्रेरणास्रोत है।मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत, मंडल अध्यक्ष विनय घिल्डियाल, जिला महामंत्री गणेश भट्ट, व्यापार सभा अध्यक्ष अनुज जोशी, महामंत्री छवि अग्रवाल, शुभम प्रभाकर मौजूद रहे।






